आयुष्मान भारत (AB-PMJAY) भारत की वो सरकारी स्वास्थ्य योजना है जो प्रत्येक पात्र परिवार को प्रति वर्ष ₹5,00,000 (पाँच लाख) तक का कैशलेस और फ्री इलाज देती है। इसका मकसद गरीब और कमजोर तबकों को गंभीर अस्पतालियों और सर्जिकल खर्च से बचाना है — यानी ऑपरेशन, ICU, टेस्ट, दवाइयां और अस्पताल में भर्ती से जुड़ी कई सेवाएँ इस कवर में आती हैं।
1) कौन-कौन पात्र हैं?
आयुष्मान का लाभ उन परिवारों को मिलता है जो सरकार के निर्धारीत गरीबी/SECC सूचियों में आते हैं — यानी मुख्य आधार 2011 की Socio-Economic Caste Census (SECC) मानदण्ड पर है। उद्देश्य है देश के निचले 40% परिवारों को कवर करना (लगभग 12 करोड़ परिवार)।
नोट: हाल की नीतिगत घोषणाओं में वरिष्ठ नागरिकों के लिए कुछ अतिरिक्त टॉप-अप कवरेज की सूचनाएँ भी आईं — इसलिए राज्य/केंद्र की नवीनतम घोषणाएँ देखना उपयोगी होता है।
2) आयुष्मान कार्ड (Golden/e-card) क्या है?
यह एक डिजिटल/प्रिंटेड कार्ड होता है जिसमें आपके परिवार की जानकारी दर्ज रहती है — इसे अस्पताल में दिखाकर आप कैशलेस उपचार करा सकते हैं। कई जगह इसे “Ayushman Golden Card” या सिर्फ “Ayushman Card” भी कहा जाता है।
3) कार्ड कैसे बनवाएँ — आसान स्टेप्स (ऑनलाइन / ऑफलाइन)
- अपने मोबाइल से ‘Am I Eligible’ (या Beneficiary) सेक्शन में अपना मोबाइल नंबर डालकर OTP वेरिफाई करें। (यह प्रक्रिया pmjay पोर्टल/एप पर होती है)।
- रासन कार्ड/Aadhaar/खाने योग्य सूची या राज्य द्वारा जारी पहचान के जरिए परिवार की खोज करें।
- यदि आपका नाम दिखे तो “Generate/Download e-card” करें या Apply/Enroll पर क्लिक करें।
- यदि ऑनलाइन कठिनाई हो तो नज़दीकी Common Service Center (CSC) या नेक्स्ट-डोर सरकारी हेल्प-डेस्क पर जाकर भी बनवाया जा सकता है — कई अस्पतालों में भी रजिस्ट्रेशन सहायता मिलती है।
4) आवश्यक दस्तावेज़ (साधारण सूची)
- Aadhaar Card या कोई वैध पहचान।
- राशन कार्ड (NSAP/AAY आदि) या SECC के अनुसार प्रमाण।
- परिवार के सदस्यों के विवरण (नाम, उम्र, पता)।
- मोबाइल नंबर (OTP हेतु)।
इन दस्तावेज़ों से आप जल्दी से कार्ड बनवा सकते हैं। कुछ राज्यों में अतिरिक्त स्थानीय प्रमाण माँगा जा सकता है।
5) अस्पताल में कार्ड कैसे उपयोग होगा (स्टेप-बाय-स्टेप)
- किसी empanelled (सूचीबद्ध) अस्पताल में जाएँ — सरकारी और पैनल प्राइवेट दोनों में यह लागू है।
- हॉस्पिटल के PM-JAY/Beneficiary counter पर अपना डिजिटल/प्रिंटेड कार्ड और पहचान दिखाएँ।
- अस्पताल आपके कार्ड का वेरिफिकेशन कर के पूरे केस को कैशलेस बनवा देता है — आपको भारी बिल का भुगतान नहीं करना पड़ता (कुछ मामूली सहमति/फॉर्मेलिटी छोड़कर)।
- इलाज के बाद अस्पताल प्राधिकृत पैकेज के अनुसार भुगतान संबंधित एजेंसी को मिल जाता है।
6) क्या-क्या कवर होता है और क्या नहीं?
कवर: सर्जरी, डॉक्टर की फीस, OT, ICU, दवाइयाँ, लैब-टेस्ट, रेдиअलॉजी, रूम चार्ज आदि—कथित रूप से हजारों प्रक्रियाएँ कवर हैं (लिस्ट में सैकड़ों-हज़ार प्रकार के पैकेज)।
न होंगे शामिल: सामान्य OPD-कंसल्टेशन (कुछ राज्यों में अलग), कुछ विशेष/वैकल्पिक/कॉस्मेटिक ट्रीटमेंट्स या सरकार-द्वारा परिभाषित अपवाद। हमेशा अस्पताल से पहले यह कन्फर्म कर लें कि आपकी बीमारी उसी पैकेज में आती है या नहीं।
7) कार्ड की स्थिति कैसे चेक करें / परिवार जोड़ना
- ऑनलाइन पोर्टल के ‘Check Eligibility / Beneficiary’ सेक्शन में मोबाइल नंबर/राशन कार्ड डालकर पता करें।
- परिवार में सदस्य जोड़ने/बदलने के लिए पोर्टल पर “Add Family Details” या नज़दीकी CSC/होस्पिटल की मदद लें। The Indian Express+1
8) छोटे-छोटे सुझाव और सावधानियाँ
- अस्पताल भर्ती से पहले कार्ड की वैधता और पैकेज कवर की पुष्टि अवश्य करवा लें।
- निजी खर्चों के लिए अस्पताल से लिखित रसीद/रिफ़रेन्स लीजिए।
- EMERGENCY में भी आप कार्ड दिखा कर इलाज करा सकते हैं — बाद में वेरिफिकेशन होगा।
- किसी विवाद/प्रॉब्लम पर राज्य-PMJAY हेल्पलाइन या हॉस्पिटल-ग्रेवीन्स सेल से शिकायत करें।











