कारवां चौथ कब है 2025 और पूजा का सही समय और विद्धि क्या है पूरी जानकारी

कारवां चौथ कब है 2025

करवा चौथ 2025 का व्रत गुरुवार, 10 अक्टूबर 2025 को रखा जाएगा। यह पर्व हर साल हिंदू विवाहित महिलाओं द्वारा अपने पति की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और सुख-समृद्धि के लिए मनाया जाता है। इस दिन महिलाएं निर्जला व्रत रखती हैं यानी पूरे दिन बिना पानी और भोजन के उपवास करती हैं और रात को चांद देखकर ही व्रत तोड़ती हैं। करवा चौथ कब है 2025 और इसका धार्मिक महत्व बहुत अधिक होता है।

करवा चौथ 2025 की तिथि

इस वर्ष चतुर्थी तिथि 10 अक्टूबर 2025 को रहेगी। पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 5:56 बजे से 7:10 बजे तक रहेगा। इसी समय महिलाएं सुहाग की सामग्री से मां गौरी, भगवान शिव और गणेश जी की पूजा करती हैं।

इस वर्ष करवा चौथ कब है 2025 से संबंधित चतुर्थी तिथि 10 अक्टूबर 2025 को रहेगी। पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 5:56 बजे से 7:10 बजे तक रहेगा। इसी समय महिलाएं सुहाग की सामग्री से मां गौरी, भगवान शिव और गणेश जी की पूजा करती हैं।

करवा चौथ 2025 का समय

2025 में करवा चौथ का शुभ पर्वकालीन पूजा मुहूर्त शाम 5:56 बजे से 7:10 बजे तक रहेगा। इस दौरान महिलाएं सजधज कर भगवान शिव, माता पार्वती, और भगवान गणेश की पूजा करती हैं। चतुर्थी तिथि 9 अक्टूबर की सुबह 6:16 बजे से शुरू होकर 10 अक्टूबर की सुबह 4:47 बजे तक रहेगी।

करवा चौथ 2025 कैसे मनाएं

इस दिन महिलाएं सुबह सूर्योदय से पहले “सर्गी” खाती हैं, जो सास द्वारा दी जाती है। इसमें फल, मिठाई, सूखे मेवे और पराठे होते हैं। सर्गी के बाद महिलाएं पूरे दिन बिना कुछ खाए-पिए व्रत रखती हैं। शाम के समय सोलह श्रृंगार करके सुहाग की सभी चीजों से सजी महिलाएं करवा (मिट्टी का घड़ा) लेकर पूजा करती हैं और करवा चौथ कथा सुनती हैं।

जब रात में चांद निकलता है, तो महिलाएं छलनी से चंद्रमा को देखती हैं और फिर अपने पति के हाथ से जल ग्रहण करके व्रत खोलती हैं। इस परंपरा के माध्यम से पत्नी अपने पति के प्रति प्रेम, श्रद्धा और समर्पण प्रकट करती है।

करवा चौथ का यह पावन पर्व पति-पत्नी के रिश्ते में विश्वास, प्रेम और एकता को और मजबूत बनाता है। यही कारण है कि इसे भारतीय संस्कृति में सबसे पवित्र और सुंदर त्योहारों में से एक माना जाता है।

करवा चौथ 2025: पूजा सामग्री

  • करवा (मिट्टी का पात्र): यह समृद्धि का प्रतीक होता है, जिसमें चाँद को अर्घ्य देने के लिए जल भरा जाता है।
  • पुजा थाली: इसमें दीपक, रोली, चावल, सिंदूर, मिठाई, फल, जल का लोटा, छलनी, साज-श्रृंगार की वस्तुएं और कथा पुस्तक रखी जाती है।
  • चाँद देखने की छलनी: इसके माध्यम से महिलाएँ चाँद और फिर अपने पति को देखती हैं।
  • सिंदूर, चूड़ी, बिंदी, मेहंदी, कुमकुम, साड़ी, बिंदी, कंघी, नथ, बिचुए: ये नौ सिंगार की वस्तुएँ देवी की पूजा के लिए आवश्यक होती हैं।
  • दीपक और तेल: पूजा में दीपक जलाने के लिए तेल और बाती की आवश्यकता होती है।
  • पानी का लोटा: चाँद को अर्घ्य देने के लिए जल का लोटा आवश्यक है।
  • फल और मिठाई: पूजा में चढ़ाने के लिए फल और मिठाई रखी जाती है।
  • पानी से भरा कलश: यह पूजा की थाली में रखा जाता है।
  • पंखा: पूजा स्थल को शुद्ध रखने के लिए पंखा उपयोगी होता है।
  • कपूर: पूजा के दौरान कपूर का उपयोग दीपक में किया जाता है।
  • पान और सुपारी: यह भी पूजा में चढ़ाने के लिए आवश्यक होते हैं।

करवा चौथ 2025 के लिए क्या क्या चाहिए

सबसे पहले, पूजा की थाली होनी चाहिए जिसमें दीपक, रोली, चावल, सिंदूर, फल, मिठाई, पानी का लोटा और छलनी शामिल हो। करवा चौथ में करवा (मिट्टी का पात्र) बहुत जरूरी है, जिसमें पानी और फूल रखकर चांद को अर्घ्य दिया जाता है। पूजा के लिए सिंदूर, चूड़ी, बिंदी, कुमकुम, मेहंदी और अन्य श्रृंगार सामग्री रखनी चाहिए।

इसके अलावा, चांद देखने के लिए छलनी आवश्यक है, और पूजा में दीपक जलाने के लिए तेल, बाती और कपूर होना चाहिए। पूजा के दौरान चढ़ाने के लिए फल, मिठाई, पान और सुपारी भी रखी जाती है।

करवा चौथ 2025 चाँद निकलने का सही समय

करवा चौथ 2025 का व्रत गुरुवार, 10 अक्टूबर 2025 को रखा जाएगा। इस दिन विवाहित महिलाएँ अपने पति की लंबी उम्र और अच्छे स्वास्थ्य के लिए निर्जला व्रत रखती हैं और रात में चाँद देखकर व्रत तोड़ती हैं। इस साल करवा चौथ का पूजा मुहूर्त शाम 5:56 बजे से 7:10 बजे तक रहेगा। पूजा के बाद सभी महिलाएँ चंद्रमा के उदय का इंतजार करती हैं ताकि व्रत खोला जा सके।

चाँद निकलने का सही समय 2025 में लगभग रात 8:13 बजे (दिल्ली) का है। हालांकि हर शहर में समय थोड़ा आगे-पीछे हो सकता है।

करवा चौथ 2025 अन्य शहरों का समय

  • दिल्ली: 8:13 PM
  • मुंबई: 8:33 PM
  • लखनऊ: 8:02 PM
  • कोलकाता: 7:46 PM
  • जयपुर: 8:16 PM
  • भोपाल: 8:09 PM
  • पटना: 7:55 PM